सबसे समृद्ध एवं वैज्ञानिक भाषा है संस्कृत: डॉ. जीतराम भट्ट


नई दिल्ली, दिल्ली संस्कृत अकादमी दिल्ली सरकार द्वारा सर्वोदय कन्या विद्यालय, विकासपुरी नई दिल्ली में दिल्ली शिक्षा निदेशालय के पश्चिम ए मण्डल की छः दिवसीय संस्कृत प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को आज सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर दिल्ली संस्कृत आकदीमू के सचिव डॉ. जीतराम भट्ट कहा कि भारतीय संस्कृति के साथ विश्व की महान संस्कृति का आधार ही संस्कृत भाषा है। संस्कृत को सभी वर्गो के युवाओं से जोडने का माध्यम प्रतियोगिता से बढ कर कोई नहीं है। दिल्ली के हर क्षेत्र में इस प्रकार के कार्यक्रमों में प्रतिभागियों की संख्या देख कर संस्कृत के विकास की नई सम्भावनायें दिखाई दे रही है।


डॉ. भट्ट ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली में दिल्ली संस्कृत अकादमी के माध्यम से संस्कृत भाषा के विकास एवं प्रचार प्रसार के लिये अनेक प्रकार की संस्कृत परक गतिविधियों का आयोजन निरन्तर करती आ रही है। इसी क्रम में आज इस मण्डल की संस्कृत प्रतियोगितायें भी आयोजित की गई थी। संस्कृत बहुत सरल भाषा है परन्तु प्रयोग में न लिये जाने के कारण कठिन लगती है। संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति, संस्कार तक ही सीमित नहीं है यह ज्ञान विज्ञान की भी भाषा है। सातवीं जनरेशन के कम्प्यूटर पर किये जा रहे शोध में संस्कृत पर इस कम्प्यूटर पर विशेष जोर दिया जा रहा है। संस्कृत के महत्व को समझते हुये विदेशों में प्राईमरी स्तर से ही संस्कृत के पढाये जाने की व्यवस्था की गई है।


अस अवसर पर अकादमी के सहायक लेखा अधिकारी भारत भूषण ने कहा कि संस्कृत के विकास के लिये निरन्तर कार्य चल रहा है। संस्कृत संस्कारों की भाषा है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी विजेता है ये महत्व नहीं रखता कि कौन प्रथम या द्विातीय है। यह एक प्रतिर्शप्रदा है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी प्रतिभा के धनी होते हैं। संस्कृत अकादमी दिल्ली सरकार की ओर से संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार एवं लोकोपयोगी बनाने में इस प्रकार के कार्यक्रमों का योगदान अवश्य दूरगामी परिणाम देगा। प्रतियोगिता में आये सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।


इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं मण्डल की संयोजिका नीति तिवारी ने कहा कि अकादमी की ओर से संस्कृत भाषा के विकास एवं प्रचार प्रसार के लिये इस मण्डल में आयोजित अकादमी की छह दिनों तक चली थी इन प्रतियोगिताओं में इस मण्डल के सभी विद्यालयों को आमंत्रित किया गया था। दिल्ली संस्कृत अकादमी दिल्ली में संस्कृत भाषा को लोक प्रिय बनाने के लिये अपने स्तर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन करती है आप लोग अधिक से अधिक संख्या में अकादमी के कार्यक्रमेां में सहभागिता करें। आज की प्रतियोगिता में 500 से अधिक विद्यालयों के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अनेक संस्कृत प्रेमी महानुभाव भी उपस्थित थे।